Somnath Mandir History in Hindi :अगर हम somnath mandir history की बात करें तो यह सोमनाथ मंदिर भारत के राज्य गुजरात जिला गिर सोमनाथ क्षेत्र में प्रभास पाटन में अरब सागर के तट पर स्थित है। यह एक बहुत ही पवित्र शिव मंदिर है। समुद्र की लहरों के बीच खड़ा यह मंदिर भक्ति और शांति का अद्भुत अनुभव देता है।

Somnath Mandir Kisne Banaya Tha

इस सवाल का जवाब इतिहास और आस्था — दोनों में देखने को मिलता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रदेव ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनकी उपासना की थी। उसके बाद उस स्थान पर Somnath Mandir का निर्माण कराया गया था।

ऐतिहासिक दृष्टि से

  • समय-समय पर कई हिंदू राजाओं ने:
  • इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया
  • इसकी प्रतिष्ठा को दोबारा स्थापित किया गया।

आधुनिक Somnath Mandir आज जो भव्य Somnath Mandir हम देखते हैं: उसका निर्माण 1951 में हुआ

  • जिसकी पहल की सरदार वल्लभभाई पटेल ने और 
  • उद्घाटन डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के द्वारा किया गया। 
  • यह मंदिर स्वतंत्र भारत के आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया।
somnath mandir history
somnath mandir history

Somnath Mandir Ko Kisne Loota – Somnath Mandir History

जब भी भारत के इतिहास में आस्था और संघर्ष की बात होती है तो Somnath Mandir का नाम अपने आप सामने आ जाता है। समुद्र के किनारे स्थित यह मंदिर इतना भव्य दिखाई पड़ता है यह पत्थरों की इमारत नहीं है बल्कि यह उस विश्वास की कहानी है जिसे इतनी बार तोड़ने की कोशिश की गई लेकिन फिर भी हर बार और मजबूत होकर खड़ा हुआ।

Somnath Mandir भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहला माना गया है। सदियों -सदियों से भक्तों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी रही है। जिसकी वजह से आक्रमणकारियों की नजर बार-बार इस मंदिर पर पड़ी।

Somnath Mandir Ko Kitni Baar Loota Gaya-Somnath Mandir History

हर व्यक्ति के मन में यही प्रश्न आता है कि Somnath Mandir को आखिर कितनी बार लूटा गया।

इतिहास गवाह है कि इस मंदिर को एक- दो बार नहीं बल्कि 6 से 7 बार तोड़ा और लूटा गया।

जब- जब Somnath Mandir को नष्ट किया गया तब- तब  लोगों को लगा कि अब तो सोमनाथ मंदिर की कहानी समाप्त हो जाएगी। लेकिन हर बार विनाश के बाद किसी न किसी रूप में यह मंदिर फिर से खड़ा हुआ — कभी राजाओं के सहयोग से तो कभी आम जनता की आस्था की वजह से।

Mahmud Ghaznavi Ne Somnath Mandir Ko Kitni Baar Loota- Somnath Mandir History

Somnath Mandir के इतिहास में महमूद ग़ज़नवी का नाम सबसे ज्यादा बार लिया गया है — 

लोगों का मानना है कि उसने कई बार मंदिर पर हमला किया होगा लेकिन सच्चाई ये नहीं है।

महमूद ग़ज़नवी ने Somnath Mandir पर सिर्फ एक बार आक्रमण किया था।

महमूद ग़ज़नवी ने मंदिर की अपार संपत्ति लूटने के उद्देश्य से 1025 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर का भारी विनाश किया। 

उसने हमला तो सिर्फ एक ही बार किया लेकिन उस आक्रमण की क्रूरता और उसके प्रचार ने उसे इतिहास में सबसे चर्चित बना डाला। 

Somnath Mandir Ko Kab Loota Gaya Tha- Somnath Mandir History

अगर देखा जाए तो Somnath Mandir पर हमले अलग-अलग दौर में हुए:

  • 1025 ईस्वी – महमूद ग़ज़नवी द्वारा आक्रमण
  • 1299 ईस्वी – अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति द्वारा हमला
  • 1375 ईस्वी – मुज़फ्फर शाह के समय मंदिर को नुकसान
  • 1451 ईस्वी – महमूद बेगड़ा द्वारा तोड़फोड़
  • 1706 ईस्वी – औरंगज़ेब के शासन में फिर से विध्वंस

जब भी इन तारीखों को पढ़ा जाता है तो यह महसूस होता है कि Somnath Mandir ने कितने और कैसे- कैसे दौर देखे हैं  जिसमे सत्ता बदली, कितने ही शासक बदले लेकिन लोगो की आस्था आज भी वही है।

somnath mandir history
somnath mandir history

Somnath Mandir Ko Kitni Baar Loota Gaya Tha – Puri Jankari

अगर इस कहानी को जोड़कर देखा जाये तो एक बात साफ समझ आती है कि 

Somnath Mandir को बार-बार इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि यह सिर्फ मंदिर नहीं था बल्कि यह शक्ति और विश्वास का प्रतीक था।

इस मंदिर को बार- बार तोड़ा गया, बार- बार मूर्तियाँ खंडित की गईं और बार- बार इसका धन लूटा गया

लेकिन हर बार लोगों ने फिर से Somnath Mandir को खड़ा किया।

यही वजह है कि यह मंदिर आज भी “टूटकर फिर बनने वाला मंदिर” कहा जाता है।

Somnath Mandir Par Aakraman Ke Samay Gujarat Ka Shasak Kaun Tha

जब पहली बार 1025 ईस्वी में Somnath Mandir पर महमूद ग़ज़नवी ने हमला किया तब उस समय गुजरात पर चालुक्य वंश का शासन था और वहां पर भीमदेव प्रथम राजा थे। 

हमला अचानक हुआ और संसाधन सीमित थे।

शायद इसलिए राजा भीमदेव प्रथम मंदिर की रक्षा नहीं कर पाए लेकिन बाद में उनके वंशजों ने Somnath Mandir के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाई और अपना सहयोग दिया।

Mahmud Ghaznavi Ne Somnath Mandir Kitni Baar Loota – Sachai

यह प्रश्न बार-बार इसलिए भी पूछा जाता है क्योंकि इतिहास को अक्सर अधूरा बताया गया।

जबकि सच्चाई यह है कि 

महमूद ग़ज़नवी ने Somnath Mandir को केवल एक बार ही लूटा।

उसके बाद जितनी भी तोड़फोड़ हुई वह अलग-अलग शासकों द्वारा हुई

अलग-अलग समय में अलग-अलग राजनीतिक कारणों से

इसलिए पूरी कहानी को समझना ज़रूरी है। 

निष्कर्ष

Somnath Mandir: आस्था जो कभी टूटी नहीं Somnath Mandir का इतिहास हमें यह सिखाता है कि

इमारतें गिर सकती हैं, लेकिन विश्वास नहीं गिर सकता संस्कृति दब सकती है, लेकिन कभी खत्म नहीं हो सकती

आज भी समुद्र की लहरों के बीच खड़ा Somnath Mandir हमें यही याद दिलाता है कि भारत की आत्मा कितनी मजबूत है।

Somnath Mandir को कई बार लूटा गया, तोड़ा गया लेकिन हर बार यह मंदिर फिर से खड़ा हुआ।

यही कारण है कि आज Somnath Mandir केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि धैर्य, आस्था और पुनर्जन्म की जीवित मिसाल है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें